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जुलाई 18, 2013

वास्तविकता



दूसरे व्यक्ति की वास्तविकता उसमें नहीं है, जो कुछ वह तुम पर व्यक्त करता है, बल्कि उसमें है जो कुछ वह तुम पर व्यक्त नहीं कर पाता।

इसलिए यदि तुम उसे जानना चाहते हो तो उसकी उन बातों को न सुनो, जिन्हें वह सुनाता है अपितु उन बातों को समझो, जिन्हें वह नहीं कह पाता।

- खलील जिब्रान 

6 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा है...अक्सर हम जो छुपाना चाहते हैं उसके विपरीत ही विश्वास दिलाते हैं..

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  2. आप सभी लोगों का बहुत शुक्रिया।

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जो दे उसका भी भला....जो न दे उसका भी भला...