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अक्टूबर 14, 2011

संतान


तुम्हारी संतान तुम्हारे माध्यम से उत्पन्न हुई है, परन्तु तुमसे नहीं | तुम उसे अपना प्यार तो दे सकते हो, किन्तु विचार नहीं क्योंकि ये अपने ही विचार रखते हैं | तुम उनके समान बनने कि कोशिश तो कर सकते हो परन्तु उन्हें अपने समान बनाने कि लालसा मत रखो |
                                                                   
                                                                                 -खलील जिब्रान

         

अक्टूबर 01, 2011

आत्मज्ञान


तुम्हारे हृदय का मौन तुम्हारे दिनों और रातों का ज्ञाता है | जिसे तुमने हमेशा से अपने विचारों में जाना है| उसे तुम शब्दों में भी जानना चाहते हो, आत्मज्ञान एक समुद्र है, असीम और आगाध...........
                                                      - खलील जिब्रान

सितंबर 12, 2011

दान


आत्मदान करना ही वास्तविक दान है| 
जो लोग खुश होकर दान करते हैं, तो यही ख़ुशी उनका पुरस्कार है|
 ऐसे ही दाता की वजह से परमात्मा का सन्देश सुनाई देता है |
 संसार में ऐसा क्या है ?.........जिसे तुम अपने लिए बचाकर रखना चाहते हो |
                                                                     
                                                              - खलील जिब्रान 


अगस्त 29, 2011

सुख


सुख एक मुक्तिगान है - किन्तु मुक्ति नहीं | 
वह हमारी कामनाओं के फूल हैं, किन्तु फल नहीं |
वह पिंजरे से छूटे पंछी की उड़ान है, किन्तु उड़ान द्वारा पार किया गया आकाश नहीं |

                                                              - खलील जिब्रान 


अगस्त 11, 2011

मुक्ति


तुम्हारे दिनों पर किसी चिंता का भार न हो और तुम्हारी रातों पर किसी आभाव या पीड़ा का | तब तुम निश्चय ही मुक्त हो जाओगे |परन्तु तुम्हारी वास्तविक मुक्ति वही कहलाएगी, जब यह बाधाएँ तुम्हारे जीवन को घेरें रहें और इसके बावजूद तुम इनसे ऊपर उठ जाओ......नग्न और निर्बाध |
                                                                   - खलील जिब्रान