खलील जिब्रान विश्व के महान दार्शनिक,लेखक, चित्रकार और कवि हैं| उनकी रचनायें सारी दुनिया के लोगों के लिए एक अमूल्य धरोहर है|अंधविश्वासों और आडम्बरों के सख्त विरोधी खलील जिब्रान एक महान विचारक थे|इस ब्लॉग के ज़रिये मेरी एक छोटी सी कोशिश की मैं उनके अमूल्य विचारों को सरल भाषा में लोगों के सामने रख सकूँ ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उनको पढ़ और समझ सकें|
जुलाई 27, 2011
जुलाई 05, 2011
धर्म
क्या हमारे समस्त कर्म और हमारी समस्त धारणायें ही धर्म नहीं हैं |
कौन है ? जो जीवन के हर एक पल को अपने सामने बिछाकर कह सकता है, " इतना ईश्वर का हिस्सा और इतना मेरी आत्मा के हिस्से में है, और इतना मेरे शरीर के हिस्से में |
तुम्हारा दैनिक जीवन ही तुम्हारा मंदिर और धर्म है | जब भी इसमें प्रवेश करो अपना सब कुछ साथ लेकर जाओ |
- खलील जिब्रान
जून 14, 2011
मई 25, 2011
मई 03, 2011
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